मुलेठी के फायदे — गला खराब और खांसी के लिए पूरी जानकारी (साथ में ज़रूरी सावधानियां)

🕒 अपडेटेड: अगस्त 2026 | पढ़ने का समय: लगभग 13 मिनट
मुलेठी के फायदे गला खराब और खांसी के लिए हिंदी - AsaanUpay

गले में खराश हो या खांसी बार-बार परेशान कर रही हो, मुलेठी की एक छोटी स्टिक चबाना भारत में सदियों पुराना नुस्खा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि WHO खुद मुलेठी को गले की खराश के लिए एक demulcent (soothing agent) aur खांसी के लिए expectorant (कफ निकालने वाला) मानता है। लेकिन इसकी एक दूसरी तस्वीर भी है — मुलेठी में मौजूद मुख्य तत्व, अगर ज़्यादा मात्रा में या लंबे समय तक लिया जाए, तो blood pressure बढ़ा सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं मुलेठी असल में कैसे काम करती है, कब फायदेमंद है, aur कब सावधानी ज़रूरी है।

मुलेठी है क्या — Glycyrrhizin का Role

मुलेठी, वैज्ञानिक नाम Glycyrrhiza glabra, एक जड़ है जो 6000 सालों से पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होती आई है। इसका मुख्य सक्रिय तत्व है Glycyrrhizin — एक triterpenoid saponin जो चीनी से लगभग 50 गुना ज़्यादा मीठा है। यही तत्व मुलेठी के ज़्यादातर फायदों aur इसके सबसे बड़े जोखिम, दोनों के लिए ज़िम्मेदार है।

गला खराब aur खांसी में यह कैसे काम करती है

NCCIH (National Center for Complementary and Integrative Health, USA) के अनुसार, मुलेठी gargle या lozenges surgery के बाद होने वाली गले की खराश (intubation से जुड़ी) को कम करने में सहायक पाई गई हैं। इसके पीछे तीन गुण काम करते हैं — यह एक demulcent है (गले की परत पर एक soothing coating बनाती है), एक expectorant है (कफ को ढीला करके निकालने में मदद करती है), aur इसमें anti-inflammatory गुण भी हैं जो सूजन कम करते हैं।

WebMD aur अन्य medical sources के अनुसार, मुलेठी में मौजूद chalcones aur flavonoids antioxidant गुण भी रखते हैं, जो lozenges, tea, या syrup के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर cough aur acid reflux दोनों में सहायक मानी जाती हैं।

🔬 Research की सीमाएं समझें: Healthline aur NCCIH दोनों स्पष्ट रूप से कहते हैं कि मुलेठी के ज़्यादातर फायदों के लिए "further research needed" है — यह कोई clinically-proven guaranteed treatment नहीं, बल्कि पारंपरिक इस्तेमाल aur कुछ preliminary studies से समर्थित एक सहायक उपाय है।

DGL बनाम Regular Mulethi — यह फर्क समझना ज़रूरी है

मुलेठी डीजीएल और रेगुलर में फर्क हिंदी - AsaanUpay

यह एक ऐसी जानकारी है जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते — बाज़ार में licorice के दो अलग प्रकार मिलते हैं, aur दोनों बिल्कुल अलग तरीके से असर करते हैं।

Regular Mulethi (पूरी जड़, glycyrrhizin सहित) — यह ज़्यादा traditional रूप है, गले की खराश aur खांसी के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन इसमें glycyrrhizin मौजूद होने की वजह से blood pressure aur potassium levels पर असर डालने का खतरा भी रहता है, खासकर ज़्यादा मात्रा में या लंबे समय तक लेने पर।

DGL (Deglycyrrhizinated Licorice) — इसमें से glycyrrhizin को हटा दिया जाता है, इसलिए यह digestive symptoms (जैसे indigestion, acid reflux) के लिए ज़्यादा सुरक्षित मानी जाती है, blood pressure के जोखिम के बिना। लेकिन ज़रूरी है समझना कि DGL में वो gargle/soothing गुण उतने प्रभावी नहीं रहते जो सीधे गले पर असर डालने के लिए glycyrrhizin के साथ जुड़े होते हैं।

Typeकिसके लिए बेहतरमुख्य जोखिम
Regular Mulethiगले की खराश, खांसी (short-term)BP बढ़ना, लंबे समय के इस्तेमाल में
DGLIndigestion, acid refluxअपेक्षाकृत कम जोखिम

मुलेठी इस्तेमाल करने के तरीके

1. मुलेठी की स्टिक चबाना

सबसे पारंपरिक तरीका — एक छोटी मुलेठी स्टिक को धीरे-धीरे चबाना, इसका रस गले तक पहुंचने देना। इससे तुरंत soothing असर महसूस होता है।

2. मुलेठी की चाय (काढ़ा)

मुलेठी की जड़ को पानी में 5-10 मिनट उबालकर, छानकर गुनगुना पीना — गले की खराश aur खांसी दोनों में राहत के लिए एक असरदार तरीका है। शहद मिलाने से असर aur भी बेहतर हो सकता है।

3. मुलेठी पाउडर + शहद

मुलेठी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर लेना, खासकर रात को सोने से पहले, खांसी में राहत देने का एक पारंपरिक तरीका है।

4. गुनगुने पानी से गरारे

मुलेठी के काढ़े से गरारे करना गले की सूजन कम करने aur बैक्टीरिया कम करने में सहायक हो सकता है।

किसे सावधान रहना चाहिए — यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है

मुलेठी किसे सावधान रहना चाहिए ब्लड प्रेशर हिंदी - AsaanUpay
⚠️ इन स्थितियों में मुलेठी (regular, glycyrrhizin सहित) avoid करें या सावधानी बरतें:
• High Blood Pressure: Glycyrrhizin sodium retention aur potassium loss का कारण बन सकता है, जिससे BP बढ़ सकता है।
• Kidney या Liver की समस्या: इन organs पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
• Heart की समस्याएं: NCCIH के अनुसार ज़्यादा मात्रा में या लंबे समय तक सेवन से irregular heartbeat aur cardiac arrest जैसी गंभीर स्थितियां भी दर्ज हुई हैं।
• गर्भावस्था: Research में यह hormone-like effects (estrogen-जैसे) दिखाती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए।
• दवाइयां लेने वाले: Blood pressure, diabetes, या blood-thinning दवाइयों के साथ interaction हो सकता है।

सबसे ज़रूरी बात — मुलेठी को थोड़े समय के लिए, सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें (जैसे गले की खराश के कुछ दिनों के दौरान), लगातार हफ्तों/महीनों तक रोज़ाना नहीं। अगर पहले से BP, heart, या kidney की कोई समस्या है, तो इस्तेमाल से पहले doctor से बात करें, aur DGL (glycyrrhizin-free) विकल्प के बारे में पूछें।

कब Doctor से मिलना ज़रूरी है

⚠️ इन स्थितियों में doctor से मिलें:
• गले की खराश या खांसी 2-3 हफ्तों से ज़्यादा बनी रहे
• मुलेठी इस्तेमाल के दौरान सिरदर्द, सूजन, या असामान्य थकान महसूस हो (यह BP बढ़ने का संकेत हो सकता है)
• तेज़ बुखार, सांस लेने में तकलीफ, या निगलने में गंभीर दिक्कत हो
• पहले से BP/heart की दवाई ले रहे हों aur मुलेठी शुरू करना चाहते हों

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. रोज़ मुलेठी लेना सुरक्षित है क्या?
लंबे समय तक रोज़ाना regular मुलेठी लेना recommend नहीं किया जाता, glycyrrhizin से जुड़े BP aur potassium risks की वजह से। Short-term इस्तेमाल (जैसे गले की खराश के दौरान कुछ दिन) ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
Q2. DGL aur Regular Mulethi में क्या चुनें?
गले की खराश/खांसी के लिए regular मुलेठी (short-term) ज़्यादा प्रभावी मानी जाती है क्योंकि glycyrrhizin ही soothing असर देता है। Digestive issues या अगर BP की चिंता हो, तो DGL बेहतर विकल्प है।
Q3. मुलेठी कितनी जल्दी असर करती है?
गले की खराश में soothing असर अक्सर कुछ ही मिनटों में महसूस हो सकता है (चबाने या गरारे से)। खांसी में पूरा असर देखने के लिए कुछ दिनों तक नियमित इस्तेमाल की ज़रूरत हो सकती है।
Q4. क्या बच्चों को मुलेठी दी जा सकती है?
बहुत कम मात्रा में, कभी-कभार इस्तेमाल आमतौर पर ठीक माना जाता है, लेकिन नियमित/रोज़ाना इस्तेमाल से बचें aur pediatrician की सलाह लें, खासकर छोटे बच्चों के लिए।
Q5. मुलेठी लेने के कितने समय बाद BP बढ़ने का खतरा शुरू होता है?
यह मात्रा aur individual sensitivity पर निर्भर करता है, लेकिन ज़्यादातर concerning cases हफ्तों तक लगातार, ज़्यादा मात्रा में सेवन से जुड़े पाए गए हैं। Short-term, moderate इस्तेमाल में जोखिम काफी कम होता है, फिर भी पहले से BP की समस्या हो तो सावधानी ज़रूरी है।
Q6. क्या मुलेठी अन्य दवाइयों के साथ ले सकते हैं?
कुछ दवाइयों (BP medications, diuretics, blood thinners, corticosteroids) के साथ interaction हो सकता है। अगर आप कोई नियमित दवाई ले रहे हैं, तो मुलेठी शुरू करने से पहले doctor से ज़रूर पूछें।

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निष्कर्ष

मुलेठी गले की खराश aur खांसी के लिए एक genuinely सहायक, सदियों पुराना उपाय है, aur WHO जैसी संस्थाएं भी इसके demulcent/expectorant गुणों को मान्यता देती हैं। लेकिन इसकी glycyrrhizin content की वजह से यह "बिना किसी सीमा के, हमेशा सुरक्षित" नहीं — खासकर BP, heart, या kidney की समस्या वालों के लिए। सबसे समझदारी भरा approach है — short-term, moderate मात्रा में इस्तेमाल करना, aur अगर कोई underlying health condition है तो DGL विकल्प या doctor की सलाह लेना।

Sources: World Health Organization — Licorice as demulcent aur expectorant, monograph reference | NCCIH (National Center for Complementary and Integrative Health) — Licorice Root: Usefulness aur Safety | Healthline — Licorice Root: Benefits, Uses, Precautions, and Dosage | WebMD — Licorice overview, side effects, interactions | PharmEasy — Licorice (Mulethi) benefits aur Ayurvedic uses। यह लेख जानकारी के लिए है, medical advice नहीं। पूरी जानकारी के लिए हमारा Disclaimer पढ़ें।

AU

Written by AsaanUpay Health Team

हमारी टीम trusted medical aur scientific sources (WHO, NCCIH, peer-reviewed journals) से research करके जानकारी को सरल, सच्ची हिंदी में present करती है। हम doctors नहीं हैं — यह content सिर्फ educational purpose के लिए है, professional medical advice का विकल्प नहीं। हमारे बारे में जानें | Disclaimer पढ़ें

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